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युवान कार्यक्रम एवं वन महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

एक पेड़ माँ के नामअभियान के लगभग 200 विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण में लिया भाग
[news_related_post]बलौदाबाजार,19 जुलाई 2026/ बलौदाबाजार वनमण्डल अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से संचालित किए जा रहे युवान कार्यक्रम एवं वन महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में वन भ्रमण, पौधारोपण, प्रकृति शिक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रमों के अंतर्गत अर्जुनी, देवपुर, कोठारी, सोनाखान एवं बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों एवं परिसरों में विद्यार्थियों को वन एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। वन भ्रमण के दौरान उन्हें वनों एवं वन्यजीवों का मानव जीवन में महत्व, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, जल एवं मृदा संरक्षण तथा प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन शैली के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही विद्यार्थियों को मिट्टी कटाव के कारण एवं उसके रोकथाम के उपायों की भी जानकारी दी गई।
एक पेड़ माँ के नामअभियान के तहत पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान कोठारी, सोनाखान एवं बल्दाकछार वन परिक्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों एवं ग्रामों में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत छायादार एवं फलदार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों, वन प्रबंधन समितियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। इस अवसर पर पौधारोपण के साथ-साथ वनों से प्राप्त होने वाले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। अर्जुनी वन परिक्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला अर्जुनी, कोठारी वन परिक्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला कोठारी, देवपुर वन परिक्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला धमलपुरा, सोनाखान वन परिक्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला सारसडोल, शासकीय प्राथमिक शाला दादर एवं शासकीय प्राथमिक शाला पोड़ी तथा बल्दाकछार वन परिक्षेत्र के सूरबाय परिसर सहित कुल 7 स्थानों पर युवान कार्यक्रम एवं वन महोत्सव का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने वन भ्रमण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण, जल एवं मृदा संरक्षण तथा प्रकृति संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए पौधों की सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि “युवान” कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के निकट ले जाकर उन्हें व्यवहारिक रूप से पर्यावरण एवं वन संरक्षण की शिक्षा देना है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे प्रकृति को समझेंगे और उसके संरक्षण में स्वयं भागीदारी करेंगे, तभी भविष्य में एक संवेदनशील एवं जिम्मेदार समाज का निर्माण होगा। वनमण्डल द्वारा प्रत्येक शनिवार इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रकृति संरक्षण के इस अभियान से जुड़ सकें।